क्या आपको पता हैं की हिंदी के कई शब्द हैं जो अंग्रेजी में भी सामान बोली जाती हैं जैसे- अवतार, बंदाना, बंगलो, गुरु, जंगल, खाकी, कर्मा, लूट, मंत्रा, निर्वाना, पैजामा, शरबत, शैम्पू, योगा आदि। हिंदी राष्ट्रीय नहीं बल्कि राजभाषा-हिंदी के माथे पर बिंदी*

 

www.tellers.live पौराणिक हिंदी कहानियां-रोचक हिंदी कहानियां

हिंदी राष्ट्रीय नहीं बल्कि राजभाषा-हिंदी के माथे पर बिंदी*

हिंदी राष्ट्रीय नहीं बल्कि राजभाषा है। 14 सितंबर 1949 को देवनागरी लिपि हिंदी को भारत की राजभाषा तौर पर स्वीकार किया गया था।


26 जनवरी 1950 को संविधान के अनुच्छेद 343 में हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता दी गई थी।
एक अनुमान के अनुसार  दुनियाभर में हिंदी बोलने वालों की संख्या लग्भग *75-80 करोड़* है।


हर साल 14 सितंबर को *राष्ट्रीय हिन्दी दिवस* के रूप में मनाया जाता है क्योंकि साल 1949 में 14 सितंबर के ही दिन संविधान सभा ने हिन्दी को आधिकारिक भाषा के रूप में स्वीकार किया था।


दुनिया के 176 विश्वविद्यालयों में हिन्दी एक विषय के तौर पर पढ़ाई जाती है।


हिन्दी की खास बात यह है कि इसमें जिस शब्द को जिस तरह से उच्चारित किया जाता है, उसी तरह लिखा भी जाता है, जिसे हम *देवनागरी लिपि* कहते हैं।


हिन्दी शब्दों 'अच्छा', 'बड़ा दिन', 'बच्चा', 'सूर्य नमस्कार' और यहा तक कि संविधान और आत्मनिर्भर जैसे अनेकों शब्दों को भी ऑक्सफर्ड डिक्शनरी में शामिल किया गया है।


अंग्रेज़ी भाषा ने हिन्दी के कई शब्द अंगीकार कर लिए हैं, जैसे- अवतार, बंदाना, बंगलो, गुरु, जंगल, खाकी, कर्मा, लूट, मंत्रा, निर्वाना, पैजामा, शरबत, शैम्पू, योगा आदि।


हिन्दी मॉरीशस, फिजी, गुयाना, सूरीनाम, त्रिनिदाद और टोबैगो और नेपाल जैसे देशों में भी बोली जाती है।


साउथ पैसिफिक महासागर के ओशेनिया में बसा एक द्वीप देश *फिजी की हिंदी राजभाषा* है। इसे फ़िजियन हिन्दी या फ़िजियन हिन्दुस्तानी भी कहते हैं।

इन्हें भी पढ़ें - कैसे हुई भगवान सूर्य देव की उत्पत्ति..?| Sun| Surya Bhagwan Ki Utpatti


भले ही आज देश में अंग्रेजी बोलने और पढ़ने वालों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है, लेकिन फिर भी हिन्दी पाठकों की संख्या सबसे ज़्यादा है। आंकड़े बताते हैं कि भारत में सबसे ज़्यादा पढ़ें जाने वाला समाचार पत्र की रैंकिंग में पहला, दूसरा और चौथा स्थान हिन्दी अख़बारों का ही है।


10 जनवरी को *विश्व हिन्दी दिवस* मनाया जाता है।


हिंदी उन सात भाषाओं में से एक है जिसका उपयोग *वेब एड्रेस* बनाने में किया जा सकता है।


हिंदी शब्द पर्सियन के *'हिंद'* शब्द से बना है। इसका सम्बन्ध सिंधु नदी क्षेत्र से है।


1981 में बिहार ने उर्दू भाषा की जगह हिंदी भाषा को कार्यालयों में जगह दी। इसी के साथ बिहार हिंदी को अपनाने वाला देश का पहला राज्य बन गया।


1965 में हिंदी को भारत की आध‍िकारिक भाषा के रूप में स्वीकार किया गया।


लगभग 500 मिलियन लोग हिंदी भाषा का प्रयोग करते हैं।


*1805 में छपी लल्लू लाल की किताब 'प्रेम सागर' को हिंदी की पहली पुस्तक माना जाता है।* इस किताब में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन है।


हिंदी टाइपराइटर मशीन 1930 में बाजार में आई थी।


हिंदी की स्क्रिप्ट फोनेटिक (शब्द उच्चारण) पर आधारित है. यह जैसे बोली जाती है।

इन्हें भी पढ़ें - "भारत को सोने की चिड़िया" बनाने वाला :- "असली राजा" कौन था ?*


अंग्रेजी वर्णमाला में 26 अक्षर हैं, हिंदी वर्णमाला में कुल 44+8 = 52 अक्षर हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि हिंदी दो अलग-अलग लिपियों के संयोजन का उपयोग करती है: देवनागरी और फ़ारसी-अरबी।

देवनागरी एक प्राचीन लिपि है जिसका उपयोग संस्कृत और पाली सहित कई भारतीय भाषाओं को लिखने के लिए किया जाता है। इसमें 11 स्वर और 33 व्यंजन, 4 संयुक्त व्यंजन, 2 द्विगुण व्यंजन, 1 अनुस्वार, 1 विसर्ग हैं, जिससे कुल *52 अक्षर* बनते हैं।

*
आइये, अपनी मातृभाषा हिंदी को समृद्ध बनाने हेतु हम हिंदी का भरपूर उपयोग करें, अपनी दैनिक बोलचाल, पत्रव्यवहार, भाषण, चलभाष पर, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर, अपने बैंक के हस्ताक्षर, विवाह व अन्य समारोहों के निमंत्रण पत्र पर हिंदी का ही उपयोग करके गर्व का अनुभव करें। हिंदी बोलना या लिखना हमें एक श्रेष्ठ नागरिक बनाता है।*

 


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

महादेव के पिनाक धनुष की कथा

भगवान श्री राम ने सीता जी के स्वयंवर में गुरु विश्वामित्र जी की आज्ञा से शिवजी का कठोर धनुष तोड़ कर सीता जी से विवाह किया था। लेकिन शिवजी का...